पूरी तरह से बदलेगी राजधानी भोपाल की सूरत, 21 साल बाद मास्टर प्लान के ड्राफ्ट का ऐलान; कैसी होगी सिटी?
भोपाल के नए मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार हो चुका है. 2005 के बाद से लगभग दो दशक के लंबे इंतजार के बाद तैयार हुए इस ड्राफ्ट को दावे और आपत्तियों के लिए सार्वजनिक किया जा रहा है. हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ड्राफ्ट तैयार है और जनता से सुझाव, आपत्तियां मांगी जा रही हैं. अब सीएम मोहन यादव ने खुद मास्टर प्लान के ड्राफ्ट का ऐलान किया है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सूरत पूरी तरह से बदलने वाली है. इसके मास्टर प्लान के ड्राफ्ट का ऐलान कर दिया गया है. इससे पहले यह मास्टर प्लान 21 साल पहले साल 2005 में आया था. अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मास्टर प्लान के प्रकाशित होने की जानकारी दी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट प्रकाशन की अनुमति दी थी.
बताया जा रहा है कि नए मास्टर प्लान को 2047 के प्रारूप को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें चौड़ी सड़कों होंगी और उनके साथ ही मकान होंगे. इसके लिए 254 गांव निगम सीमा में शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि करीब 54 लाख की जनसंख्या के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है.
ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर लोग दे सकते हैं आपत्तियां और सुझाव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है. यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है. ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर लोग अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं.
कुल 254 हैं शामिल
भोपाल विकास योजना-2047 के अहम प्रस्तावों में करीब 3000 हेक्टेयर जमीन पर ग्रोथ कॉरिडोर विकसित करने का प्लान बनाया है और इसकी लंबाई करीब 51 किलोमीटर रखी गई है. नई योजना करीब 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र के लिए तैयार की गई है. इसमें 254 गांव शामिल हैं और विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61,017.02 हेक्टेयर रखा गया है.
एक ही इलाके में घर और दुकान
मास्टर प्लान में मिश्रित भूमि उपयोग का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है. इसके तहत सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा. इसमें आवासीय और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकेगी. इसका मकसद घर और काम की जगह के बीच की दूरी को कम करना है.
कॉलोनी में खुले एरिया को 10 से किया गया 12 प्रतिशत
भोपाल विकास योजना-2047 (ड्राफ्ट) में हरित क्षेत्र में वृद्धि के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. इस नए प्रारूप के तहत शहर में हरित क्षेत्र का प्रतिशत लगभग 16.5 निर्दिष्ट किया गया है, जो कि URDPFI गाइडलाइन के मानकों से अधिक है. भानपुर खंती के विकास के लिए इस स्थान पर एक गोल्फ कोर्स का निर्माण प्रस्तावित किया गया है. इसके साथ ही कॉलोनी स्तर पर भी ओपन एरिया के प्रतिशत को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है.
साभार