3 दिनों के भीतर माफी मांगे कांग्रेस', जानें पार्टी की किस हरकत पर भड़के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव जयराम रमेश को एक कानूनी नोटिस भेजा है और तीन दिनों के भीतर उनसे लिखित तौर पर माफी मांगने की अपील की है. दरअसल, यह मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है. कांग्रेस ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर नितिन गडकरी को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट शेयर किया गया है.
देश की हालात पर चर्चा कर रहे हैं नितिन गडकरी
'तोड़-मरोड़कर पेश किया गया इंटरव्यू'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव जयराम रमेश को एक कानूनी नोटिस भेजा है और तीन दिनों के भीतर उनसे लिखित तौर पर माफी मांगने की अपील की है. दरअसल, यह मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है. कांग्रेस ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर नितिन गडकरी को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट शेयर किया गया है.
देश की हालात पर चर्चा कर रहे हैं नितिन गडकरी
उस वीडियो में नितिन गडकरी एक मीडिया संस्थान को अपना इंटरव्यू दे रहे हैं. इंटरव्यू में वे देश की हालात पर चर्चा कर रहे हैं. इसी इंटरव्यू के छोटे से पार्ट को पार्टी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है. इस वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस ने कैप्शन में लिखा, 'आज गांव, मजदूर और किसान दुखी हैं. गांव में अच्छी सड़कें नहीं हैं, पीने के लिए पानी नहीं है, अच्छे अस्पताल नहीं हैं, अच्छे स्कूल नहीं हैं- मोदी सरकार के मंत्री नितिन गडकरी.'
तोड़-मरोड़कर पेश किया गया इंटरव्यू'
कांग्रेस द्वारा शेयर की इस वीडियो पर कड़ा रुख अपनाते हुए नितिन गडकरी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश को कानूनी नोटिस भेजा है. इस नोटिस में लिखा गया है कि नितिन गडकरी का इंटरव्यू तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और फिर उसे पोस्ट किया गया. इस वीडियो का मूल अर्थ ही छिपा दिया गया है. ऐसा ही हिंदी कैप्शन के एक हिस्से के साथ भी जानबूझकर किया गया.
'24 घंटे में हटाया जाए पोस्ट'
नोटिस में आगे कहा गया है कि यह कानूनी नोटिस आपको एक्स से पोस्ट को तुरंत हटाने के लिए कहता है. कानूनी नोटिस मिलने के बाद किसी भी हालत में पोस्ट को अगले 24 घंटे में हटाया जाए. साथ ही तीन दिनों के भीतर मेरे मुवक्किल से लिखित माफी मांगी जाए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो मेरे मुवक्किल के पास आपके जोखिम और खर्च पर नागरिक एवं आपराधिक सभी कार्रवाइयों का सहारा लेने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा.
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