CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने लिया शाकाहारी बनने का फैसला! फायदे जानकर आप भी छोड़ देंगे चिकन मटन
हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि वो पूरी तरह शाकाहारी बन गए हैं. लेकिन उन्हें शाकाहारी बनने की प्रेरणा कहां से मिली. क्या वाकई शाकाहारी बनने के फायदे हैं? आइए जानें.
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ एक नये कैफे के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे . ये कैफे दअसल, सागर रत्ना का है और दिल्ली हाई कोर्ट के परिसर में ही खुला है और इसकी खास बात यह है कि इसे न्यूरोडाइवर्जेंट लोग चलाते हैं. न्यूरोडाइवर्जेंट का मतलब होता है- ऐसे लोग जिनका दिमाग अलग तरह से काम करता है. इसी मौके पर डीवाई चंद्रचूड़ ने वहां मौजूद लोगों को बताया कि उन्होंने शाकाहारी जीवनशैली को पूरी तरह अपना लिया है और वे एनिमल प्रोडक्ट खाने और पहनने से परहेज करते हैं.
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शाकाहारी बनने का फैसला क्यों लिया? इसका जवाब उन्होंने खुद दिया. उन्होंने कहा कि मेरी दो बेटियां प्रियंका और माही हैं जो दिव्यांग हैं और मैं जो कुछ भी करता हूं, वे मुझे प्रेरित करती हैं. मैंने हाल ही में शाकाहारी बनना शुरू किया है, क्योंकि मेरी बेटी ने कहा कि हमें क्रूरता-मुक्त जीवन जीना चाहिए
बता दें कि सीजेआई चंद्रचूड़ ने साल 2015 में अपनी बेटियों को गोद लिया था.
शाकाहारी बनने के फायदे :
शाकाहारी वो होते हैं जो सिर्फ प्लांट बेस्ड फूड खाते हैं और चिकन, मटन आदि जैसे एनिमल प्रोडक्ट का उपयोग नहीं करते. शाकाहारी भोजन यानी वेगन फूड में सब्जियां, मेवे, फल, बीन्स, दाल, फलियां, अनाज और बहुत कुछ शामिल हैं. लेकिन इसमें गाय का दूध, अंडे या पनीर जैसे डेयरी उत्पाद शामिल नहीं होते. शाकाहारी लोग बादाम या नारियल के दूध जैसे पौधे के दूध का सेवन करके दूध की जरूरत को पूरा करते हैं. आइये जानते हैं कि शाकाहारी बनने के कौन से फायदे होते हैं:
- शाकाहारी भोजन संतुलित पौष्टिक आहार होता है, जिसमें कई तरह के विटामिन और खनिज होते हैं.
- आंत और पाचन के लिए हेल्दी होते हैं. क्योंकि इसमें खूब सारा फाइबर होता है.
- वजन कंट्रोल करने में भी मददगार है.
- डायबिटीज का खतरा कम करता है.
- दिल की बीमारी का खतरा कम करता है.
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर और इम्युनिटी को बढ़ावा देने में मदद करता है.
- किडनी की सेहत ठीक रहती है
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