एकनाथ शिंदे चले गांव, महायुति गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक रद्द, महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन से पहले नया मोड़

महाराष्ट्र में सरकार गठन को अंतिम रूप देने के लिए महायुति नेताओं की बैठक शुक्रवार को रद्द कर दी गई, क्योंकि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक सतारा जिले में अपने गांव के लिए रवाना हो गए.

Nov 29, 2024 - 16:36
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एकनाथ शिंदे चले गांव, महायुति गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक रद्द, महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन से पहले नया मोड़

महाराष्ट्र में अहम बैठक रद्द होने के बाद सरकार गठन पर अनिश्चितता

एकनाथ शिंदे अपने गांव के लिए रवाना हुए

Eknath Shinde news: महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन अनिश्चितता के घेरे में है, क्योंकि शुक्रवार को होने वाली महायुति गठबंधन की अहम बैठक रद्द कर दी गई. ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक सतारा जिले में अपने गांव चले गए, जिससे विभागों के बंटवारे पर चर्चा में देरी हो गई.

शिंदे, भाजपा के देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार के साथ दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक करने के बाद शुक्रवार सुबह मुंबई लौटे. उनकी बातचीत हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की व्यापक जीत के बाद सत्ता-साझाकरण समझौते पर केंद्रित थी.

दिल्ली बैठक को 'अच्छा और सकारात्मक' बताने के बाद शिंदे के अचानक चले जाने से वार्ता रुक गई, जिससे इस बात पर रहस्य और गहरा गया कि आने वाली सरकार का नेतृत्व कौन करेगा और मंत्रिस्तरीय पदों का आवंटन कौन करेगा?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना नेता के शनिवार को मुंबई लौटने की उम्मीद है. 132 विधानसभा सीटें जीतने वाली भाजपा ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने के लिए विधायक दल की बैठक नहीं बुलाई है, लेकिन ऐसे कयास हैं कि शीर्ष पद देवेंद्र फडणवीस को मिलने की उम्मीद है.

महायुति के सहयोगी शिवसेना, जिसके पास 57 सीटें हैं, और अजीत पवार की एनसीपी, जिसके पास 41 सीटें हैं. वह कैबिनेट में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री पद पर दावा करने की उनकी संभावना कम है.

अब एकनाथ शिंदे के लिए आगे क्या?

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा, 'दिल्ली में हुई बैठक के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं ने शिंदे को बताया कि फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे. सूत्रों ने बताया कि शिंदे शुरू में उपमुख्यमंत्री पद के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख नरम करते हुए मांग की कि उन्हें गृह विभाग दिया जाना चाहिए.

शिवसेना के नेता लड़की बहन योजना जैसी पहल की सफलता का हवाला देते हुए शिंदे को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की वकालत कर रहे हैं. हालांकि, शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा लिए गए निर्णयों का पालन करेंगे

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