बुधनी उपचुनाव में BJP का बड़ा खेला, पूर्व CM के बेटे की घरवापसी, कांग्रेस को झटका
बुधनी उपचुनाव के दौरान बीजेपी ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. जहां पूर्व सीएम के बेटे और पूर्व मंत्री रहे बडे़ नेता की बीजेपी में घरवापसी हो गई है.
बुधनी उपचुनाव में प्रचार के बीच दांव पेंच का खेल भी जारी है. लंबे समय से मध्य प्रदेश के एक सीनियर नेता की बीजेपी में घरवापसी की अटकलें चल रही थी. जिन पर अब विराम लग गया है. क्योंकि विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री ने बीजेपी में घरवापसी कर ली है. बुधनी उपचुनाव के दौरान उन्हें पूर्व सीएम ने फिर से भाजपा में शामिल कराया है. जिसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
पूर्व मंत्री दीपक जोशी की घर वापसी
दरअसल, पूर्व मंत्री दीपक जोशी की बीजेपी में घरवापसी हो गई है. बुधनी उपचुनाव के दौरान पूर्व सीएम समेत कई सीनियर नेताओं की मौजूदगी में भी उन्होंने बीजेपी में घरवापसी कर ली है. दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं और 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर देवास जिले की खातेगांव विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद से ही उनकी घरवापसी की अटकलें लंबे समय से चल रही थी.
रमाकांत भार्गव के समर्थन करेंगे प्रचार
दीपक जोशी ने कांग्रेस छोड़कर फिर से बीजेपी में शामिल होने पर कहा 'घर से बाहर रह कर जो अलग पन महसूस हुआ उसकी भरपाई करने की कोशिश करूंगा, भाजपा छोड़कर मैंने गलती की गलती की सुधारने की पूरी कोशिश करूंगा.' दीपक जोशी ने उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में प्रचार भी शुरू कर दिया है.
पूर्व सीएम कैलाश जोशी बेटे हैं दीपक जोशी
दरअसल, दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पहले गैर कांग्रेसी सीएम स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे हैं. कैलाश जोशी बीजेपी और जनसंघ के सीनियर नेता रहे हैं. दीपक जोशी छात्र जीवन से ही राजनीति में एक्टिव थे. वह 2003 में बागली विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने थे, जबकि 2008 और 2013 का विधानसभा चुनाव उन्होंने हाटपिपल्या विधानसभा सीट से जीतकर बीजेपी सरकार में राज्यमंत्री बने थे. लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के मनोज चोधरी से हार का सामना करना पड़ा था. बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मनोज जोशी विधायक पद से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए और उपचुनाव के दौरान भाजपा से चुनाव जीतकर फिर से विधायक बने थे. यहां से दीपक जोशी की राह भाजपा से जुदा होने लगी और 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले वह अचानक कांग्रेस में शामिल हो गए थे.
लंबे समय से चल रही थी दीपक जोशी की वापसी की अटकलें
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दीपक जोशी को खातेगांव विधानसभा सीट से टिकट दिया था, जहां उन्हें बीजेपी के आशीष शर्मा से हार का सामना करना पड़ा था. 2023 में बीजेपी ने शानदार वापसी और फिर से मध्य प्रदेश में सरकार बनाई, जिसके बाद से ही उनकी बीजेपी में घरवापसी की अटकलें चल रही थी. 8 महीने पहले भी उनकी वापसी लगभग तय थी, लेकिन तब एनवक्त पर सब रुक गया था. लेकिन अब डेढ़ साल बाद उन्होंने फिर से भाजपा में वापसी कर ली है.
चार दिन पहले कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की थी सभा
खास बात यह है कि बीजेपी घरवापसी करने वाले हैं इस बात की कोई जानकारी नहीं थी. क्योंकि बुधनी उपचुनाव के दौरान वह चार दिन पहले ही 3 नवंबर को कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में सभा कर रहे थे, लेकिन 7 नवंबर को अब वह बीजेपी में शामिल हो गए और अब बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के लिए प्रचार कर रहे हैं.
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