हाईकोर्ट का बड़ा झटका! MPPSC मुख्य परीक्षा 2025 पर लगाई रोक; आयोग को दिए सख्त निर्देश

जबलपुर हाईकोर्ट ने MPPSC 2025 मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने आयोग को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि 15 अप्रैल तक वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी किए जाएं.

Apr 2, 2025 - 20:13
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हाईकोर्ट का बड़ा झटका! MPPSC मुख्य परीक्षा 2025 पर लगाई रोक; आयोग को दिए सख्त निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 पर अंतरिम रोक लगाकर राज्य लोक सेवा आयोग (MPPSC) को बड़ा झटका दिया है. यह रोक प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी न करने और आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को अनारक्षित पदों पर चयन से वंचित करने के आरोपों के चलते लगाई गई है. इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल 2025 को होगी.

कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आयोग को जमकर फटकार लगाई है.उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व के फैसलों का उल्लंघन किया गया है. आयोग ने अनारक्षित सीटों पर केवल सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को शामिल किया, जबकि नियम के अनुसार इन सीटों को मेरिट के आधार पर भरा जाना चाहिए था.

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, लोक सेवा आयोग ने 5 मार्च 2025 को राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें कुल 158 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व के फैसलों का उल्लंघन करते हुए अनारक्षित सीटों पर केवल सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को शामिल किया, जबकि नियम के अनुसार इन सीटों को केवल मेरिट आधारित चयन से भरा जाना चाहिए था. इस वर्ष आयोग द्वारा वर्गवार कट-ऑफ अंक भी जारी नहीं किए गए, जबकि पूर्व के वर्षों में यह प्रथा रही है.

याचिकाकर्ताओं का आरोप

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह कदम आयोग की असंवैधानिक नीति को छुपाने के लिए उठाया गया है. याचिका क्रमांक WP 11444/2025 के अंतर्गत भोपाल निवासी सुनीत यादव, नरसिंहपुर निवासी पंकज जाटव और बैतूल निवासी रोहित कावड़े (ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थी) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह और आर.जी. वर्मा ने अदालत में तर्क रखा कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की है.

कोर्ट ने आयोग को सख्त निर्देश 

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायमूर्ति सुरेश कुमार केत और न्यायमूर्ति विवेक जैन शामिल थे, ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगामी मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी. कोर्ट ने आयोग को सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल 2025 तक:

1. वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी किए जाएं.

2. अनारक्षित पदों पर चयनित आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान उम्मीदवारों का विवरण प्रस्तुत किया जाए.

हाईकोर्ट ने आयोग को स्पष्ट किया कि वह 15 अप्रैल 2025 तक इन निर्देशों का पालन करे. इसके बाद मामले की अगली सुनवाई इसी दिन होगी.

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